सिंधु घाटी सभ्यता (indus valley civilization)

सिंधु घाटी सभ्यता [2400 ईसा पूर्व-1700 ईसा पूर्व]:~

*सिंधु सभ्यता की खोज 1921 में रायबहादुर साहनी ने की|

*सिंधु सभ्यता आग ऐतिहासिक, नगरीय तथा कांस्य युगीन सभ्यता थी|

*इस सभ्यता के मुख्य निवासी द्रविड़ एवं भूमध्यसागरीय थे|

*1905 में लॉर्ड कर्जन ने भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग की स्थापना की| इसके प्रथम अध्यक्ष जॉन मार्शल थे| जिन्होंने 2 टीम बनाई|

       1. दयाराम साहनी।            2. राखल दास बनर्जी 

1. दयाराम साहनी ने हड़प्पा की खोज 1921 में की|

2. राखल दास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो की खोज 1922 में की|

सिंधु घाटी सभ्यता का विस्तार:-

सिंधु सभ्यता के सर्वाधिक पश्चिम पुरास्थल दर्शक नदी के किनारे स्थित सुतकागेडोर(बलूचिस्तान), पूर्वी पुरास्थल हिंडन नदी के किनारे आलमगीरपुर (जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश), उत्तरी पुरास्थल चेनाब नदी के तट पर अखनूर के निकट मांदा (जम्मू कश्मीर), दक्षिणी पुरास्थल गोदावरी नदी के तट पर दायमाबाद (जिला अहमदनगर, महाराष्ट्र)|

#सिंधु सभ्यता के 6 बड़े नगर:- मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, गानावारीवाला, राखीगढ़ ,धोलावीरा ,कालीबंगा|

नोट:-धोलावीरा भारत में सिंधु घाटी सभ्यता की पहली साइट है जिसे यूनेस्को ने 2021 में विश्व विरासत स्थल की सूची में शामिल किया है|

*स्वतंत्रता प्राप्ति पश्चात हड़प्पा संस्कृति के सार्वजनिक स्थल गुजरात में खोजे गए|

सिंधु घाटी सभ्यता की विशेषताएं:-

1. ग्रीड पद्धति पर निर्मित नगर|

2. सुव्यवस्थित जल निकासी|

3. पक्की ईंटों के घर बने हुए थे|

4. घरों के दरवाजे मुख्य सड़क की ओर ना खुलकर पिछवाड़े की ओर खुले थे लेकिन लोथल नगर के घरों के दरवाजे मुख्य सड़क पर खुलते थे|

5. सिंधु घाटी सभ्यता में शहर उच्च और निम्न भागों में वर्गीकृत थे|उच्च भाग:- दुर्ग ,टिला, किला बंदी|

6. कालीबंगा के दोनों भागों में किलाबंदी थी|

7. चन्हूदरो में किलाबंदी नहीं थी|

8. धोलावीरा नगर तीन भागों में बटा हुआ था|

*लोथल एवं शकुंतला सिंधु सभ्यता का बंदरगाह था|

*जूते हुए खेत और नकाशीदातों के प्रयोग का साक्ष्य कालीबंगा से प्राप्त हुए|

*मोहनजोदड़ो से प्राप्त स्नानघर संभवत सिंधु सभ्यता की सबसे बड़ी इमारत है जिसकी मध्य स्नान कुंड 11.81 मीटर लंबा ,7.01 मीटर चौड़ा एवं 2.43 मीटर गहरा है|

*धार्मिक विशेषता:-

1. मंदिर के अवशेष नहीं मिले|

2. वृक्ष एवं प्रकृति की पूजा करते थे|

3. मातृ देवी की पूजा|

4. शिव की पूजा के अवशेष:- ~कुबेर वाला सांड|

                                        ~पशुपतिनाथ की मोहर|

5. अग्निकुंड लोथल एवं कालीबंगा से प्राप्त हुए|

6. शवाधान प्रक्रिया:- ~शवों को जलाना {मोहनजोदड़ो}

                             ~शवों को दफनाना {हड़प्पा}

                            ‌‌~ युग में समाधि {कालीबंगा और लोथल }

7. सिंधु सभ्यता के लोग यातायात के लिए दो पहियों या चार पहियों वाली बैलगाड़ी या पैसा गाड़ी का उपयोग करते थे|











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